शिवालिक नगर/हरिद्वार। टिहरी बांध विस्थापितों की बस्ती शिवालिक नगर में रविवार को ‘भगीरथ घाट’ निर्माण की मांग को लेकर जनसमर्थन का अभूतपूर्व माहौल देखने को मिला। राष्ट्रीय सनातनी संगठन ट्रस्ट के तत्वावधान में श्रीराम मंदिर कमेटी द्वारा ‘111 मीटर निर्माण पत्र’ पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय विस्थापित परिवारों ने भाग लेकर महाराजा भगीरथ को राष्ट्र धरोहर घोषित करने की मांग का समर्थन किया। अभियान का नेतृत्व राष्ट्रीय संरक्षक श्री राजेंद्र मौर्य एवं प्रदेश संरक्षक श्रीमती सुशीला देवी मौर्य ने किया। इस दौरान श्रीराम मंदिर कमेटी के सदस्यों ने घर-घर जाकर लोगों को अभियान से जोड़ते हुए भगीरथ घाट निर्माण के लिए हस्ताक्षर एकत्र किए। महिला शक्ति की सक्रिय भागीदारी भी अभियान की प्रमुख विशेषता रही। श्रीमती स्वाति वर्मा, श्रीमती दीप्ति वर्मा एवं श्रीमती प्रीति सैनी ने महिला टीम के साथ क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क कर विस्थापित परिवारों को आंदोलन से जोड़ा। राष्ट्रीय संरक्षक राजेंद्र मौर्य ने कहा कि टिहरी के विस्थापित अपने त्याग और दर्द को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने कहा, “हमने गंगा के लिए अपना घर छोड़ा था, आज हम महाराजा भगीरथ के सम्मान के लिए हस्ताक्षर दे रहे हैं। जिन्होंने गंगा को धरती पर लाकर मानवता को जीवन दिया, उनके नाम पर घाट निर्माण हमारा कर्तव्य है। शिवालिक नगर का हर विस्थापित परिवार भगीरथ के साथ खड़ा है।” प्रदेश संरक्षक श्रीमती सुशीला देवी मौर्य ने कहा कि श्रीराम मंदिर कमेटी ने संकल्प लिया है कि मंदिर में दर्शन करने आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु पहले भगीरथ घाट निर्माण के समर्थन में हस्ताक्षर करेगा। उन्होंने कहा, “राम और भगीरथ हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। टिहरी की मातृशक्ति आज भगीरथ के सम्मान के लिए एकजुट होकर खड़ी है।” अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र में “टिहरी विस्थापितों का ऐलान — भगीरथ को मिलेगा सम्मान” और “श्रीराम मंदिर से निकली आवाज — भगीरथ घाट अब बनाओ आज” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल घाट निर्माण का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, गंगा और महाराजा भगीरथ के सम्मान का जनआंदोलन है। अभियान के आयोजकों ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में यह हस्ताक्षर अभियान और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा, ताकि जनभावनाओं को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाया जा सके।
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